शेयर बाजार समाचार: सिगरेट पर कर बढ़ने की आहट से निवेशकों में भगदड़, कंपनियों के मूल्य में भारी गिरावट
बाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क २०२६, सिगरेट कर में वृद्धि के प्रभाव, भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण, आईटीसी के शेयरों का ताजा भाव, गॉडफ्रे फिलिप्स शेयर मूल्य विश्लेषण, धूम्रपान उत्पादों पर स्वास्थ्य उपकर, केंद्रीय वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना, फरवरी से प्रभावी नए कर नियम, तंबाकू कंपनियों की लाभप्रदता पर संकट, सिगरेट की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी, शेयर बाजार में निवेशकों की बिकवाली, उत्पाद शुल्क और कराधान ढांचा, पान मसाला पर नया उपकर, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भारी गिरावट, तंबाकू क्षेत्र का भविष्य।
तंबाकू क्षेत्र में हाहाकार: आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर धड़ाम
वर्ष २०२६ के प्रथम दिन भारतीय शेयर बाजार के तंबाकू क्षेत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक रहे। केंद्र सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने की आधिकारिक घोषणा के बाद इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी के शेयर मूल्य में ९ प्रतिशत से अधिक की कमी आई, जबकि गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में १५ प्रतिशत से अधिक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट का मुख्य कारण: नई कर नीति
इस बाजार संकुचन का प्राथमिक कारण वित्त मंत्रालय द्वारा जारी वह अधिसूचना है, जिसमें तंबाकू उत्पादों और पान मसाला पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। यह नया नियम १ फरवरी २०२६ से प्रभावी होगा। सरकार का उद्देश्य तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना और जन स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना है।
एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) का नया ढांचा
सरकारी योजना के अनुसार, सिगरेट पर लगने वाला शुल्क अब उसकी लंबाई और श्रेणी के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। विशेष रूप से लंबी और प्रीमियम सिगरेटों पर कर का बोझ सर्वाधिक होगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नए कर ढांचे के कारण कंपनियों की उत्पादन लागत में २० से २५ प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। तंबाकू कंपनियों के पास अब केवल दो विकल्प शेष हैं: या तो वे बढ़ी हुई लागत का भार स्वयं वहन करें, जिससे उनके वार्षिक मुनाफे में बड़ी गिरावट आएगी, अथवा वे ग्राहकों के लिए सिगरेट की कीमतों में भारी वृद्धि करें।
कंपनियों पर प्रभाव का विश्लेषण
आईटीसी लिमिटेड: भारत के सिगरेट बाजार के एक बड़े हिस्से पर अधिकार रखने वाली इस कंपनी के लिए यह समाचार अत्यंत प्रतिकूल रहा है। हालांकि कंपनी का अन्य व्यवसायों जैसे होटल और दैनिक उपभोग की वस्तुओं (एफएमसीजी) में भी विस्तार है, किंतु उसका मुख्य लाभ अभी भी सिगरेट व्यवसाय से ही आता है। गॉडफ्रे फिलिप्स: इस कंपनी के शेयरों में १५ प्रतिशत से अधिक की गिरावट यह दर्शाती है कि बड़े निवेशक भविष्य के जोखिमों को लेकर सशंकित हैं। कर की दरों में अचानक वृद्धि से कंपनी की बाजार हिस्सेदारी प्रभावित होने की आशंका है।
बाजार विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह इस क्षेत्र के लिए अस्थिर रहेंगे। जब तक कंपनियां अपनी नई मूल्य सूची जारी नहीं करतीं और मांग पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन नहीं हो जाता, तब तक निवेशक सावधानी बरतेंगे। सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि आने वाले समय में तंबाकू और संबंधित हानिकारक उत्पादों पर कर की दरें और भी कठोर हो सकती हैं।