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थलपति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायक' की रिलीज टली: हाईकोर्ट के फैसले पर निर्माता का बड़ा बयान

तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक, थलपति विजय  के प्रशंसकों के लिए शुक्रवार का दिन मिला जुला रहा। जहाँ एक ओर उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायक'  की रिलीज का इंतजार था, वहीं दूसरी ओर मद्रास हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले ने इस उत्साह पर पानी फेर दिया। मद्रास हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट देने के एकल न्यायाधीश के आदेश पर अंतरिम रोक  लगा दी है। इस कानूनी अड़चन के कारण फिल्म की निर्धारित रिलीज को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करना पड़ा है।

इस घटनाक्रम के बाद फिल्म के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस के संस्थापक वेंकट के. नारायण ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर दर्शकों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि विजय सर ने दशकों की कड़ी मेहनत से जो सम्मान और प्यार कमाया है, वह एक शानदार विदाई के हकदार हैं और यह देरी पूरी टीम के लिए दुखद है।

क्या है पूरा विवाद? 
विवाद की जड़ें फिल्म के सेंसर प्रमाणीकरण प्रक्रिया में छिपी हैं। निर्माता के अनुसार, 'जन नायक' को 18 दिसंबर 2025 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास जमा किया गया था। जांच समिति ने फिल्म देखने के बाद 22 दिसंबर को कुछ बदलावों के साथ सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी। निर्माताओं ने तुरंत उन बदलावों को स्वीकार किया और संशोधित संस्करण बोर्ड को सौंप दिया।

हालांकि, अंतिम समय में बोर्ड ने फिल्म को 'रिवीजन कमेटी'  के पास भेजने का निर्णय लिया। बोर्ड का तर्क था कि फिल्म में सेना के चित्रण और कुछ धार्मिक भावनाओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसी निर्णय के खिलाफ निर्माता हाईकोर्ट पहुंचे थे।

हाईकोर्ट का फैसला और रोक
शुरुआत में, एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति पीटी आशा ने निर्माताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए CBFC को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया था। जज ने टिप्पणी की थी कि जब एक बार जांच समिति फिल्म पास कर चुकी है, तो शिकायत के आधार पर उसे फिर से रोकना गलत है।

लेकिन इस राहत के कुछ ही घंटों बाद, CBFC ने इस आदेश को खंडपीठ के सामने चुनौती दी। मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट का मानना था कि CBFC को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी।

निर्माता का भावुक संदेश
निर्माता वेंकट के. नारायण ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में दर्शकों और फिल्म वितरकों से माफी मांगी। उन्होंने कहा:

"हम उन सभी प्रशंसकों, वितरकों और सिनेमा मालिकों से माफी मांगते हैं जो इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हमने फिल्म को समय पर रिलीज करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ये परिस्थितियां हमारे नियंत्रण से बाहर थीं। थलपति विजय सर ने अपने करियर में जो मुकाम हासिल किया है, वह एक गरिमामयी विदाई के हकदार हैं। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हमें यकीन है कि 'जन नायक' जल्द ही बड़े पर्दे पर आएगी।"

विजय की आखिरी फिल्म का महत्व
'जन नायक' केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह थलपति विजय के फिल्मी करियर का स्वानसॉन्ग  यानी आखिरी फिल्म मानी जा रही है। विजय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश करने के लिए सिनेमा छोड़ रहे हैं। उनकी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम'  के गठन के बाद यह उनकी पहली रिलीज है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा है।

फिल्म का निर्देशन एच विनोथ ने किया है और इसमें बॉबी देओल, पूजा हेगड़े और ममिता बैजू जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म को और भी बड़ा बना रहा है। प्रशंसकों के लिए यह फिल्म विजय की 33 साल की फिल्मी यात्रा का उत्सव मनाने का एक आखिरी मौका है।

फिल्म इंडस्ट्री पर असर
पोंगल के त्योहार के मौके पर 'जन नायक' की रिलीज टलने से फिल्म उद्योग को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है। तमिलनाडु में विजय की फिल्में अकेले ही बॉक्स ऑफिस का 20 प्रतिशत से ज्यादा राजस्व जुटाती हैं। थिएटर मालिकों के लिए यह खबर एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने इस फिल्म के लिए हजारों शो पहले ही बुक कर लिए थे।

अब जब मामला 21 जनवरी तक के लिए टल गया है, तो प्रशंसकों को उम्मीद है कि गणतंत्र दिवस के सप्ताहांत तक फिल्म सिनेमाघरों में पहुंच जाएगी। थलपति विजय का 'अंतिम नृत्य' भले ही अभी रुक गया है, लेकिन उनके प्रशंसकों का जोश कम नहीं हुआ है।