वेटलिफ्टिंग की रानी का शानदार प्रदर्शन: मीराबाई चानू ने विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक हासिल किया १९९ किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीता
भारत की स्टार वेटलिफ्टर और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने नॉर्वे के फोर्डे में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप २०२५ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ४८ किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने कुल १९९ किलोग्राम (Snatch में ८४ किलोग्राम और Clean and Jerk में ११५ किलोग्राम) का वजन उठाकर भारत के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ ही उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में अपना तीसरा पदक दर्ज किया है, जो वैश्विक मंच पर उनकी निरंतरता और महानता को दर्शाता है। इससे पहले वह २०१७ में गोल्ड और २०२२ में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।
यह प्रतियोगिता चानू के लिए इसलिए भी खास थी क्योंकि वह एक छोटे अंतराल के बाद अपनी पसंदीदा ४८ किलोग्राम वर्ग में वापसी कर रही थीं। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में ४९ किलोग्राम वर्ग में भाग लिया था, जहां वह चौथे स्थान पर रही थीं। मुख्य कोच विजय शर्मा ने इस चैंपियनशिप से पहले मीराबाई के लिए २०० किलोग्राम के भार को पार करने का लक्ष्य रखा था, और १९९ किलोग्राम का उनका प्रदर्शन दिखाता है कि वह अपने शीर्ष फॉर्म को फिर से हासिल करने की ओर मजबूती से बढ़ रही हैं।
चानू का प्रदर्शन दो हिस्सों स्नैच और क्लीन एंड जर्क में विभाजित था। स्नैच में उन्होंने ८४ किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया, हालांकि ८७ किलोग्राम के अपने अगले दो प्रयासों में वह सफल नहीं हो पाईं, लेकिन क्लीन एंड जर्क में उन्होंने अपनी मजबूत वापसी की। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने ११५ किलोग्राम का भार आसानी से उठाया, जो टोक्यो ओलंपिक के दौरान उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बराबर था। इस शानदार प्रयास ने उन्हें क्लीन एंड जर्क और ओवरऑल टोटल दोनों में सिल्वर मेडल दिलाया।
हालांकि, उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने स्वर्ण पदक जीता, जिन्होंने कुल २१३ किलोग्राम भार उठाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। थाईलैंड की थान्याथोन सुकचारोएन ने १९८ किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मीराबाई चानू का यह प्रदर्शन न केवल भारत के लिए तीन साल के विश्व चैंपियनशिप पदक के इंतजार को खत्म करता है बल्कि यह भी साबित करता है कि वह अभी भी विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे हैं। उनकी यह सफलता देश के युवा एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।