29 दिसंबर को गोल्ड सिल्वर में भारी गिरावट: जानें चार बड़ी वजहें
29 दिसंबर को सर्राफा और धातु बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गोल्ड, सिल्वर और कॉपर की कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। कुछ दिनों पहले तक रिकॉर्ड हाई पर ट्रेड कर रहे ये कमोडिटी अब दबाव में आ गए हैं। निवेशक और ट्रेडर्स इस गिरावट के पीछे के कारण समझना चाहते हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार कई प्रमुख वजहें हैं, जिनकी वजह से सोना, चांदी और तांबे की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आ गई हैं।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती और रुपये में कमजोरी
फॉरेक्स मार्केट में डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने का असर कमोडिटी बाजार पर दिखा। डॉलर मजबूत होने पर गोल्ड और सिल्वर जैसे सेफ हेवेन एसेट्स पर दबाव आता है। रुपये में कमजोरी के कारण आयात महंगा होने की आशंका बढ़ी, जिससे घरेलू बाजार में अनिश्चितता बढ़ी। यह माहौल निवेशकों को मुनाफावसूली करने के लिए प्रेरित करता है और कीमतें नीचे चली जाती हैं।
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्याज दर से जुड़े अनुमान लगातार बदल रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती के संकेतों ने बाजार को सतर्क रखा है। कटौती की उम्मीद में निवेशक गोल्ड में दिलचस्पी दिखाते हैं, लेकिन अनिश्चितता की स्थिति में वे शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग करने लगते हैं। इस कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ता है और कीमतें दबाव में आ जाती हैं।
चीन और यूरोप में कमजोर औद्योगिक मांग
कॉपर एक प्रमुख औद्योगिक धातु है और इसकी कीमतें ग्लोबल उद्योग की मांग पर टिकी रहती हैं। चीन और यूरोप में इंडस्ट्रियल रिकवरी कमजोर रहने से कॉपर की मांग प्रभावित हुई है। निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की धीमी रफ्तार से तांबे की खपत कम हुई, जिसका असर चांदी और सोने के भाव पर भी मनोवैज्ञानिक रूप से देखने को मिला।
बड़ी मात्रा में प्रॉफिट बुकिंग
पिछले कुछ हफ्तों में गोल्ड, सिल्वर और कॉपर लगातार रिकॉर्ड हाई के करीब या उस पर बने हुए थे। इस तेजी का फायदा उठाने के लिए निवेशकों ने मुनाफा बुक किया। जब एक साथ ज्यादा निवेशक लॉन्ग पोज़िशन काटते हैं, तो कीमतों में तेज गिरावट दर्ज होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक नैचुरल करेक्शन है, न कि किसी बड़े क्रैश की शुरुआत।