रिकॉर्ड तोड़ निर्यात के बूते मारुति सुजुकी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफा ८% बढ़ाया: प्रमुख वित्तीय कारक
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने जुलाई से सितंबर २०२५ तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय परिणाम दर्ज किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ (कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) ८ प्रतिशत बढ़कर ३,३४९ करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में ३,१०२.५ करोड़ रुपये था। यह वृद्धि मुख्य रूप से रिकॉर्ड निर्यात और परिचालन राजस्व में वृद्धि के कारण हुई है। कंपनी का परिचालन राजस्व (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स) भी १३ प्रतिशत बढ़कर ४२,३४४.२ करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
जुलाई-सितंबर तिमाही में मारुति सुजुकी की कुल बिक्री ५.५० लाख यूनिट से अधिक रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में १.७ प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हालांकि, घरेलू थोक बिक्री जीएसटी कटौती की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने के कारण ५.१ प्रतिशत घटकर ४,४०,३८७ यूनिट रही। इसके बावजूद, कंपनी के मुनाफे में उछाल निर्यात के मजबूत प्रदर्शन से प्रेरित है। तिमाही के दौरान कंपनी ने १,१०,४८७ यूनिट का रिकॉर्ड निर्यात किया, जो ४२.२ प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है।
कंपनी की बिक्री में सबसे अधिक योगदान ४ मीटर से छोटी गाड़ियों के सेगमेंट का रहा। इन छोटी कारों, जैसे ऑल्टो, वैगन आर, स्विफ्ट और डिजायर (सब ४ मीटर) की १.९२ लाख से अधिक यूनिट्स बिकीं। जीएसटी परिषद द्वारा सितंबर में टैक्स दरों में कटौती के बाद इस सेगमेंट में विशेष रूप से मजबूत उछाल देखा गया है। कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव के अनुसार, जीएसटी कटौती के बाद अक्टूबर में छोटी कारों (१८% जीएसटी श्रेणी) की खुदरा बिक्री में ३०% की वृद्धि हुई, जो दर्शाता है कि बाजार अभी भी छोटी और किफायती कारों के लिए खुला है।
आगे की राह में, मारुति सुजुकी ग्रामीण बाजारों में बढ़ती मांग और एसयूवी सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अपनी एसयूवी रेंज का विस्तार करने की योजना पर भी काम कर रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारी मांग, जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ और नए उत्पाद लॉन्च मारुति की वृद्धि की गति को बनाए रखने में मदद करेंगे, जिससे आने वाले महीनों में बिक्री में और सुधार होने की उम्मीद है।