लियोनल मेस्सी स्टेडियम विवाद: पुलिस ने आयोजकों से पूछताछ की, हिंसा में 5 लोगों को हिरासत में लिया
कोलकाता में अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनल मेस्सी के GOAT इंडिया टूर 2025 का आयोजन पूरी तरह से प्रशंसकों की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए विवाद में बदल गया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने कई इवेंट मैनेजरों को पूछताछ के लिए समन भेजे और सार्वजनिक स्थल पर तोड़फोड़ करने वाले 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
समस्या 13 दिसंबर 2025 को तब शुरू हुई जब हजारों फुटबॉल प्रेमी सॉल्ट लेक स्टेडियम में मेस्सी के विशेष कार्यक्रम को देखने के लिए इकट्ठा हुए। हालांकि, मेस्सी ने केवल 20–22 मिनट का प्रदर्शन किया, जिससे कुछ दर्शक असंतुष्ट हो गए और स्थिति हिंसक हो गई।
दर्शकों की नाराज़गी मुख्य रूप से इस बात से थी कि उन्हें मेस्सी को ठीक से देखने का मौका नहीं मिला और कार्यक्रम अपेक्षा से छोटा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि लोग प्लास्टिक की कुर्सियां तोड़ रहे थे, रेलिंग उखाड़ रहे थे और स्टेडियम की कुछ जगहों पर आग लगा रहे थे। कुछ दर्शकों ने मैदान पर बोतलें और अन्य वस्तुएं भी फेंकी, जिससे सुरक्षा कर्मियों के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की और इस घटना को “गंभीर अव्यवस्थापन ” बताया, जिसमें स्टेडियम को लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हिंसा में शामिल पांच दर्शकों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है।
इसी बीच, बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने कार्यक्रम के आयोजन में शामिल छह अधिकारियों को समन भेजा। इनमें प्रमुख इवेंट मैनेजर और संबंधित संगठन के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है कि कार्यक्रम की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और टिकट वितरण में कौन जिम्मेदार था।
समन में शामिल प्रमुख नाम हैं लालतु दास, मनाली भट्टाचार्य, सुप्रिया दासगुप्ता, संभरन कर्मकार, आदित्य दास, और अमित कुमार। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका की पूरी जांच की जाएगी।
इस विवाद के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने स्टेडियम का दौरा किया और न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही, प्रभावित प्रशंसकों को रिफंड देने और आयोजकों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
जैसे ही मेस्सी का भारत दौरा हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में जारी है, कोलकाता की घटना यह साबित करती है कि बड़े कार्यक्रमों का प्रबंधन और सुरक्षा बेहद आवश्यक है।