दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड के 'ग्रोवेल' विवाद पर भारतीय क्रिकेट दिग्गजों की भावनात्मक प्रतिक्रिया: पुजारा ने टीम को लंबे समय तक याद रखने की क्यों दी सलाह
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच समाप्त हुई दूसरे टेस्ट मैच में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद, दक्षिण अफ्रीकी कोच शुक्री कॉनराड के विवादास्पद ‘ग्रोवेल’ बयान ने भारतीय क्रिकेट बिरादरी में एक नई बहस छेड़ दी है। मैच से पहले कॉनराड ने कहा था कि भारतीय टीम को सेंचुरियन में मिली हार के बाद केप टाउन में "विनम्रता से गिड़गिड़ाना (grovel) पड़ेगा"। इस बयान पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों, जिनमें चेतेश्वर पुजारा, अनिल कुंबले और आकाश चोपड़ा शामिल हैं, ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, और इसे भारतीय टीम को प्रेरित करने वाला एक भावनात्मक संदेश बताया है।
मैच के बाद, चेतेश्वर पुजारा, जिन्हें आमतौर पर शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है, ने कॉनराड की टिप्पणी को भावनात्मक रूप से लिया। पुजारा ने कहा कि कॉनराड का यह बयान "दिल में लगने वाली बात" है और भारतीय टीम को इस अपमानजनक शब्द को "लंबे समय तक याद रखना" चाहिए। पुजारा के अनुसार, इस तरह के विवादास्पद बयान हमेशा प्रेरणा का काम करते हैं और विरोधी टीम के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करने की भूख जगाते हैं। उनका यह बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि टीम इंडिया ने कॉनराड की बात को व्यक्तिगत चुनौती के रूप में लिया था।
पूर्व भारतीय कप्तान और महान गेंदबाज अनिल कुंबले ने भी कॉनराड की टिप्पणी की आलोचना की, लेकिन इसे भारतीय टीम के लिए एक अवसर के रूप में देखा। कुंबले ने कहा कि इस तरह के बयानों का इस्तेमाल टीम को एकजुट करने और दृढ़ संकल्प के साथ खेलने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के पेशेवर रवैये की सराहना की, जिन्होंने मैदान पर अपने प्रदर्शन से इस बयान का जवाब दिया। कुंबले ने जोर देकर कहा कि क्रिकेट में, शब्दों से नहीं, बल्कि आपके प्रतिक्रिया और परिणाम से जवाब दिया जाता है, और भारतीय टीम ने ऐसा ही किया।
क्रिकेट कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने इस पूरे मामले को क्रिकेट की प्रतिद्वंदिता के संदर्भ में देखा। चोपड़ा ने कहा कि कॉनराड की टिप्पणी भले ही थोड़ी आपत्तिजनक रही हो, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट में तनाव और प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के कोच को अब अपनी बात पर पछतावा हो रहा होगा, क्योंकि भारत ने केवल डेढ़ दिन में मैच जीतकर उनका मुंह बंद कर दिया। चोपड़ा ने यह भी जोड़ा कि भारतीय टीम को इस 'ग्रोवेल' बयान को भविष्य में कठिन परिस्थितियों में प्रेरणा के लिए एक मानसिक टूलकिट के रूप में संभाल कर रखना चाहिए।
भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट में सात विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करके कॉनराड के बयान का सबसे प्रभावी जवाब दिया। यह जीत दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारत की टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज जीत में से एक है। टीम इंडिया ने दिखा दिया कि उनके पास न केवल कौशल है, बल्कि ऐसे बयानों का सामना करने और उन्हें प्रदर्शन में बदलने की मानसिक दृढ़ता भी है। यह घटना भविष्य में दोनों देशों के बीच होने वाली प्रतिद्वंदिता में एक नया भावनात्मक आयाम जोड़ेगी, और कॉनराड का बयान भारतीय क्रिकेट की लोककथाओं का हिस्सा बन जाएगा।