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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरी टेस्ट: अंतिम दिन जीत के लिए भारतीय बल्लेबाजों को ४०० के लक्ष्य का सामना करने हेतु जरूरी असाधारण प्रदर्शन

केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के दूसरे दिन दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देते हुए अपनी कुल बढ़त को 395 रनों तक पहुंचा दिया है। पहले दिन तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के कारण, भारतीय टीम ने पहली पारी में सिर्फ 153 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका पर 98 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। हालांकि, दूसरे दिन मेजबान टीम ने अपनी दूसरी पारी में सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए खेल के समापन तक स्थिति को मजबूत कर लिया, जिससे भारतीय टीम के लिए यह लक्ष्य अब पहाड़ जैसा बन गया है।


दूसरे दिन के खेल की शुरुआत में, भारतीय गेंदबाजों ने तुरंत प्रभाव डाला। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने शुरुआती सफलताएँ दिलाईं, जिससे भारतीय खेमे में आत्मविश्वास आया। दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए, जिससे ऐसा लग रहा था कि भारत मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेगा। हालांकि, इसके बाद मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी संभाली। पीटर मालन और तेम्बा बावुमा (कप्तान) ने मिलकर एक मजबूत साझेदारी बनाई, जिसने दक्षिण अफ्रीका की पारी को स्थिरता दी। उनकी साझेदारी ने शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की और भारत की वापसी की उम्मीदों को कम कर दिया।


दक्षिण अफ्रीका की रणनीति स्पष्ट थी: विकेट बचाए रखना और धीरे धीरे अपनी बढ़त को मजबूत करना। मालन ने संयमित और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया, जबकि बावुमा ने आवश्यकतानुसार रन गति को बनाए रखा। भारतीय गेंदबाजों ने कड़ी मेहनत की, लेकिन उन्हें साझेदारी तोड़ने में संघर्ष करना पड़ा। स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी कुछ ओवर फेंके, लेकिन पिच से उन्हें ज्यादा मदद नहीं मिली। भारतीय फील्डिंग कुछ हद तक ढीली रही, जिससे कुछ मौके हाथ से निकल गए, जिसका खामियाजा टीम को लंबी साझेदारी के रूप में भुगतना पड़ा।


मैच के दूसरे भाग में, दक्षिण अफ्रीका के निचले मध्यक्रम ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। निचले क्रम के बल्लेबाजों के छोटे लेकिन तेज रनों ने बढ़त को 395 रनों तक पहुंचाने में मदद की, जो इस तरह की विकेट पर चौथी पारी में पीछा करने के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। भारतीय बल्लेबाजों के लिए, यह टेस्ट सीरीज में वापसी करने का आखिरी मौका है, और उन्हें इस लक्ष्य को पार करने के लिए एक असाधारण प्रदर्शन करना होगा। पिच अभी भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार है, लेकिन बल्लेबाजी के लिए पहले दिन की तुलना में बेहतर हुई है, हालांकि यह चौथे दिन से खतरनाक हो सकती है।


अब सबकी निगाहें तीसरे दिन के खेल पर टिकी हैं। भारतीय बल्लेबाजों को लंबी साझेदारी बनाने, अनावश्यक शॉट से बचने और मानसिक रूप से मजबूत रहने की आवश्यकता है। रोहित शर्मा (कप्तान) के नेतृत्व में टीम इंडिया को इतिहास रचने के लिए एक सामूहिक प्रयास करना होगा। यदि भारत यह टेस्ट जीतता है, तो यह दक्षिण अफ्रीका में उसकी पहली टेस्ट सीरीज जीत होगी, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले इस विशाल लक्ष्य का कुशलता से सामना करना होगा।