सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: नए साल के पहले दिन ग्राहकों की चांदी, जानें आपके शहर का गोल्ड रेट
नए साल पर बड़ी राहत: चांदी ₹1800 लुढ़की, सोना भी हुआ सस्ता
वर्ष 2026 का पहला दिन आम जनता और आभूषण प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। वैश्विक बाजारों में आए बदलाव और घरेलू मांग में आई स्थिरता के कारण नए साल के पहले ही दिन सोने और चांदी की कीमतों में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। जहां चांदी की चमक कुछ फीकी हुई है और यह ₹1800 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई है, वहीं सोने के दामों में भी गिरावट आने से ग्राहकों के चेहरे खिल उठे हैं।
चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
सर्राफा बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, चांदी की कीमतों में नए साल के पहले दिन जबरदस्त गिरावट देखी गई। पिछले साल के अंतिम सप्ताह में चांदी के दाम आसमान छू रहे थे, लेकिन 1 जनवरी 2026 को चांदी ₹1800 प्रति किलो सस्ती हो गई। इस गिरावट के बाद अब चांदी का भाव एक बार फिर मध्यम वर्ग की पहुंच में आता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग में थोड़ी कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण चांदी पर दबाव बना है।
सोना भी हुआ सस्ता: ग्राहकों की बल्ले-बल्ले
सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की कीमतों में भी नरमी देखी गई है। 24 कैरेट और 22 कैरेट, दोनों ही तरह के सोने के दाम नीचे आए हैं। 24 कैरेट (शुद्ध सोना): नए साल के पहले दिन 24 कैरेट सोने की कीमत में लगभग ₹400 से ₹600 प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई है। 22 कैरेट (जेवर वाला सोना): जेवर बनाने के काम आने वाले 22 कैरेट सोने के दामों में भी ₹300 से ₹500 तक की कमी आई है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं: वैश्विक रुख: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भावों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है। डॉलर की मजबूती: वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों का रुझान सोने से हटकर मुद्रा की ओर हुआ है। मुनाफावसूली: नए साल की शुरुआत में कई बड़े निवेशक अपना मुनाफा बुक (करते हैं, जिससे कीमतों में अस्थाई गिरावट आती है। घरेलू मांग: नए साल के पहले दिन खरीदारी में वह तेजी नहीं देखी गई जिसकी उम्मीद थी, जिससे कीमतों पर दबाव कम हुआ।
क्या अभी सोना खरीदना सही है?
निवेशकों और आम खरीदारों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या कीमतों में और गिरावट आएगी? बाजार के जानकारों का कहना है कि 2026 में सोने की कीमतें लंबी अवधि में ऊपर जाने की उम्मीद है, इसलिए वर्तमान गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ भी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।शादियों का सीजन करीब होने के कारण यह गिरावट उन परिवारों के लिए राहत की खबर है जो गहने खरीदने की योजना बना रहे थे।