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इंस्टेंट नूडल्स के ज्यादा सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान

भारत में इंस्टेंट नूडल्स की खपत तेजी से बढ़ रही है और हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार देश दुनिया में चौथे नंबर पर है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, कई लोग इंस्टेंट नूडल्स को स्नैक या क्विक मील के रूप में पसंद करते हैं। इसका मुख्य कारण है इसका आसानी से बन जाना, किफायती दाम और स्वाद। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टेंट नूडल्स का अधिक सेवन सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।


न्यूट्रिशनिस्ट की चेतावनी
डायटीशियन और न्यूट्रिशनिस्ट का मानना है कि इंस्टेंट नूडल्स में उच्च मात्रा में सोडियम, प्रिजर्वेटिव्स और रिफाइंड फ्लोर (मैदा) होता है। अधिक सोडियम का सेवन ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ाने का कारण बन सकता है। साथ ही, प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स शरीर में इंफ्लेमेशन को बढ़ाते हैं, जिससे लंबे समय में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता है।


क्यों है इंस्टेंट नूडल्स खतरनाक?
इंस्टेंट नूडल्स में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बेहद कम होती है, जिससे यह पेट भरने का अहसास तो देता है, लेकिन पोषण नहीं। साथ ही, इसमें मौजूद ट्रांस फैट और फ्लेवर्ड सीज़निंग पैकेट हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं। अगर इसे नियमित डाइट का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह वजन बढ़ने, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है।


भारत क्यों है चौथे नंबर पर?
शहरी जीवन की व्यस्तता और क्विक फूड कल्चर ने इंस्टेंट नूडल्स को लोकप्रिय बना दिया है। बड़ी FMCG कंपनियों के मार्केटिंग कैंपेन और सस्ते दाम ने भी इसकी खपत को बढ़ावा दिया। बच्चों में भी इसका आकर्षण ज्यादा है, क्योंकि इसमें अलग-अलग फ्लेवर मिलते हैं।


क्या है समाधान?
न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि इंस्टेंट नूडल्स को कभी-कभार ही खाएं। यदि खाना ही हो तो उसमें ताजी सब्जियां, अंडा या पनीर मिलाकर इसे थोड़ा हेल्दी बना सकते हैं। इसके अलावा, होल व्हीट पास्ता, दलिया, ओट्स या घर का बना पोहा जैसे विकल्प ज्यादा सेहतमंद हैं। सबसे जरूरी है कि बच्चों को हेल्दी स्नैकिंग की आदत डालें और रेडी-टू-ईट पैकेज्ड फूड से बचें।


निष्कर्ष
इंस्टेंट नूडल्स स्वादिष्ट जरूर हैं, लेकिन इनके अधिक सेवन से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, इन्हें नियमित डाइट से दूर रखना ही सही है और पोषणयुक्त, बैलेंस्ड डाइट अपनाना बेहतर है।