द बंगाल फाइल्स पर बढ़ रहा है राजनीतिक और सामाजिक विवाद
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म का ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम हंगामे की वजह से सुर्खियों में रहा। इस पूरे विवाद पर मिथुन चक्रवर्ती ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि फिल्म में किसी भी तरह की मनगढ़ंत कहानी नहीं दिखाई गई है, बल्कि इसमें सच्चाई को ही बड़े परदे पर उतारा गया है।
मिथुन चक्रवर्ती ने साफ कहा कि “हमने फिल्म में वही दिखाया है जो सच में हुआ था। किसी को यह पसंद आए या न आए, लेकिन हम सच्चाई से समझौता नहीं कर सकते।” उनके इस बयान से साफ है कि वह अपनी फिल्म और उसके विषयवस्तु के प्रति पूरी तरह गंभीर हैं।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान जो हंगामा हुआ था, उस पर भी मिथुन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद पूर्व-नियोजित (pre-planned) था। उनका मानना है कि कुछ लोग फिल्म की रिलीज़ से पहले ही माहौल खराब करना चाहते थे ताकि फिल्म पर नकारात्मक असर पड़े। हालांकि, मिथुन ने यह भी कहा कि सच्चाई को कोई ज्यादा समय तक छिपा नहीं सकता।
फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ की कहानी बंगाल में हुई कुछ ऐसी घटनाओं पर आधारित बताई जा रही है, जिनके बारे में आम जनता ज्यादा नहीं जानती। निर्देशक और कलाकारों का दावा है कि इस फिल्म के जरिए उन तथ्यों को सामने लाया जाएगा जिन्हें वर्षों से दबाया गया था। इस वजह से फिल्म पर राजनीतिक विवाद भी तेजी से बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस फिल्म को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। एक ओर कुछ लोग इसे साहसिक प्रयास मानते हुए मिथुन चक्रवर्ती की तारीफ कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रचार से जोड़कर देख रहे हैं।
मिथुन चक्रवर्ती का कहना है कि वह हमेशा से सिनेमा के जरिए समाज को आईना दिखाने के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि फिल्मों का मकसद केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जनता को जागरूक करना भी होना चाहिए।
‘द बंगाल फाइल्स’ से जुड़े विवाद जितने बढ़ रहे हैं, उतनी ही इस फिल्म की लोकप्रियता भी बढ़ती जा रही है। दर्शकों को अब इंतजार है कि फिल्म रिलीज़ होने के बाद आखिर इसमें कौन-कौन से ऐसे पहलू सामने आते हैं जिन पर अभी तक पर्दा पड़ा हुआ था।