लोकसभा में पेश हुआ गेमिंग बिल, ड्रीम-11 और पोकर पर लग सकता है प्रतिबंध
हाल ही में लोकसभा में गेमिंग बिल पेश किया गया है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद भारत में कुछ ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। इस बिल के तहत ड्रीम-11, रमी, पोकर जैसे गेम्स को सरकार प्रतिबंधित कर सकती है। बिल में यह भी प्रावधान है कि नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी को तीन साल तक की जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
गेमिंग इंडस्ट्री में इस बिल के पेश होने से माहौल में उत्सुकता और चिंता दोनों देखी जा रही है। ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स और कार्ड गेम्स में लाखों लोग रोज़ाना हिस्सा लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल का मुख्य उद्देश्य जुआ और अवैध गेमिंग को रोकना और खिलाड़ियों को वित्तीय नुकसान से बचाना है।
देश में ऑनलाइन गेमिंग तेजी से बढ़ा है और विशेषकर युवा वर्ग इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। हालांकि, कई लोग इसे मनोरंजन और स्किल-बेस्ड गेमिंग के रूप में देखते हैं, लेकिन सरकार इसे नियंत्रित करना चाहती है ताकि जुआ जैसी प्रवृत्तियों से बचाव हो सके। बिल के अनुसार, अगर कोई प्लेटफॉर्म नियमों का उल्लंघन करता है या खिलाड़ियों को अनैतिक तरीके से पैसा कमाने का प्रलोभन देता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बिल में तीन साल की जेल का प्रावधान न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि गेमिंग कंपनियों के लिए भी चेतावनी है। कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता, वित्तीय सुरक्षा और सही नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल के लागू होने से ऑनलाइन गेमिंग की प्रकृति में बदलाव आएगा और युवा खिलाड़ियों के लिए जिम्मेदार गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, लोकसभा में पेश यह गेमिंग बिल भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है। सरकार का मकसद है कि गेमिंग का आनंद तो बना रहे लेकिन इसके दुष्प्रभावों से बचाव हो। खिलाड़ी और कंपनियां दोनों को नए नियमों के अनुसार सावधान और जिम्मेदार होने की आवश्यकता है।