हेल्थकेयर से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक: फोर्ब्स एशिया की लिस्ट में शामिल भारतीय स्टार्टअप्स किन क्षेत्रों में कर रहे हैं क्रांति.
फोर्ब्स एशिया की प्रतिष्ठित '100 स्टार्टअप्स टू वॉच' सूची में भारतीय स्टार्टअप्स की अभूतपूर्व उपस्थिति, देश के नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में उभरने की कहानी को मजबूत करती है। इस सूची में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उन छोटे, तेजी से बढ़ते हुए स्टार्टअप्स को शामिल किया जाता है जिनके पास उल्लेखनीय सफलता हासिल करने की क्षमता है। इस वर्ष, भारत ने 18 स्टार्टअप्स के साथ किसी भी अन्य देश से अधिक प्रविष्टियाँ हासिल की हैं, जो भारतीय बाजार की गहराई और स्टार्टअप्स की स्केलेबिलिटी (विस्तारशीलता) को दर्शाता है। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में उच्च वृद्धि दर्ज की गई है, जिनमें से कुछ की वैल्यू ₹8,779 करोड़ तक आंकी गई है।
भारतीय स्टार्टअप्स की यह सफलता विभिन्न क्षेत्रों में फैले इनोवेशन को उजागर करती है। सूची में शामिल कई कंपनियां टेक्नोलॉजी, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्पेसटेक जैसे डीपटेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं। उदाहरण के लिए, गैलेक्सीआई (GalaxEye) जैसी कंपनियां, जो 'दृष्टि मिशन' के तहत अपना मालिकाना उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं, और क्लाउडफिजिशियन (Cloudphysician) और ट्राइकोग हेल्थ (Tricog Health) जैसी कंपनियां जो एआई का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवा वितरण को बदल रही हैं, यह दर्शाती हैं कि भारतीय स्टार्टअप्स सिर्फ उपभोक्ता समस्याओं को ही नहीं, बल्कि जटिल वैज्ञानिक और तकनीकी चुनौतियों को भी हल कर रहे हैं।
यह उपलब्धि भारतीय स्टार्टअप्स के लिए निवेशक और बाजार दोनों के मजबूत विश्वास का संकेत है। रैपिडो (Rapido) और फोनपे (PhonePe) जैसी कंपनियों का शुरुआती विकास इस बात का प्रमाण है कि कैसे भारतीय उद्यमियों ने देश की विशिष्ट समस्याओं को लक्षित किया और बड़े पैमाने पर सफलता हासिल की। आज की सूची में रोजाना (Rozana) और लोकल (Lokal) जैसी कंपनियां भी शामिल हैं, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण और क्षेत्रीय बाजारों में पहुंच के अंतर को पाट रही हैं, जिससे पता चलता है कि इनोवेशन केवल बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है। इसके अलावा, फोक्सटेल (Foxtale), विकेटगुड (WickedGüd) और स्वीट करम कॉफी (Sweet Karam Coffee) जैसे कंज्यूमर ब्रांड भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप मजबूत डिजिटल फर्स्ट पहचान बना रहे हैं।
यह प्रभावशाली प्रदर्शन भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक उज्जवल भविष्य का संकेत देता है। सरकार के समर्थन और वेंचर कैपिटल (जोखिम पूंजी) के बढ़ते प्रवाह के साथ, ये 18 स्टार्टअप्स न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर अपने संबंधित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। इनकी सफलता अन्य उभरते उद्यमियों को प्रेरित करेगी और देश को इनोवेशन और आर्थिक विकास के एक नए युग की ओर ले जाएगी।