दीप्ति शर्मा का विश्व रिकॉर्ड और हरमनप्रीत की पारी, टीम इंडिया ने रचा इतिहास
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साल 2025 का अंत एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ किया है जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 15 रन से पराजित कर पांच मैचों की श्रृंखला को 5-0 से अपने नाम कर लिया। यह न केवल एक श्रृंखला जीत है, बल्कि दक्षिण एशियाई क्रिकेट में भारत के पूर्ण वर्चस्व का प्रमाण भी है।
मैच का रोमांच: संकट में कप्तानी पारी
बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को खेले गए इस निर्णायक मैच में टॉस श्रीलंका के पक्ष में रहा। मेहमान टीम ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और शुरुआती ओवरों में यह फैसला सही साबित होता दिखा। भारत ने पावरप्ले के भीतर ही अपनी सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (जिन्हें इस मैच में विश्राम के बाद वापस लाया गया था) का विकेट खो दिया। मध्यक्रम भी ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आया और एक समय भारत का स्कोर 12 ओवरों में 77 रन पर 5 विकेट था। यहीं से कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत संभलकर की, लेकिन जैसे ही सेट हुईं, उन्होंने श्रीलंकाई स्पिनरों पर कड़ा प्रहार शुरू कर दिया। हरमनप्रीत ने मात्र 43 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 9 चौके और 1 शानदार छक्का शामिल था। पारी के अंत में उन्हें अरुंधति रेड्डी का भरपूर साथ मिला, जिन्होंने मात्र 11 गेंदों में 27 रनों की कैमियो पारी खेलकर भारत का स्कोर 175/7 तक पहुँचा दिया।
दीप्ति शर्मा का विश्व रिकॉर्ड: गेंदबाजी में नया इतिहास
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने डटकर मुकाबला किया। हसिनी परेरा (65 रन) और इमेशा दुलानी (50 रन) के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। श्रीलंका को अंतिम 5 ओवरों में जीत के लिए 45 रनों की दरकार थी और उनके हाथ में 8 विकेट सुरक्षित थे। ऐसे नाजुक समय में भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने गेंद संभाली। उन्होंने न केवल रनों की गति पर अंकुश लगाया, बल्कि महत्वपूर्ण विकेट भी झटके। इस दौरान दीप्ति ने एक व्यक्तिगत महा-कीर्तिमान भी स्थापित किया। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट्ट (151 विकेट) को पीछे छोड़ते हुए अपने 152 विकेट पूरे किए। दीप्ति की फिरकी के जादू के कारण श्रीलंका निर्धारित 20 ओवरों में 160 रन ही बना सका।
श्रृंखला के सितारे और भविष्य की योजनाएं
पूरी श्रृंखला के दौरान भारत का प्रदर्शन बेदाग रहा। शैफाली वर्मा को उनके निरंतर आक्रामक प्रदर्शन और पूरी सीरीज में तीन अर्धशतक लगाने के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। टीम के मुख्य कोच ने जीत के बाद कहा कि यह श्रृंखला युवा खिलाड़ियों को परखने का एक शानदार जरिया थी। रेणुका सिंह ठाकुर और ऋचा घोष जैसे सीनियर खिलाड़ियों को रोटेट करने के बावजूद भारत ने एक भी मैच नहीं गंवाया, जो टीम की गहराई (बेंच स्ट्रेंथ) को दर्शाता है।
अब भारतीय टीम की नजरें साल 2026 में होने वाले महिला टी20 विश्व कप पर टिकी हैं। 2025 में वनडे विश्व कप जीतने के बाद, टीम इंडिया अब टी20 के सबसे बड़े मंच पर अपनी बादशाहत कायम करना चाहती है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है, और अब वे जनवरी में शुरू होने वाले वुमेंस प्रीमियर लीग के लिए तैयार हैं।