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सैटेलाइट ब्रॉडबैंड मार्केट में प्रतिस्पर्धा: भारत में जियो सैटेलाइट और वनवेब के मुकाबले स्टारलिंक की रणनीति और व्यावसायिक मॉडल।

महाराष्ट्र सरकार ने इलॉन मस्क के स्वामित्व वाली सैटेलाइट संचार कंपनी स्टारलिंक के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत राज्य के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं की तैनाती की जाएगी। महाराष्ट्र, भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने स्टारलिंक के साथ औपचारिक रूप से सहयोग करने के लिए एक आशय पत्र (Letter of Intent - LOI) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम महाराष्ट्र के 'डिजिटल महाराष्ट्र मिशन' को मजबूत करने और राज्य के कोने कोने तक हाई स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य को दर्शाता है।


महाराष्ट्र सरकार और स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के बीच इस समझौते पर मुंबई में हस्ताक्षर किए गए, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है जहाँ पारंपरिक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित है। इसमें विशेष रूप से आदिवासी स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आपदा नियंत्रण कक्ष और गढ़चिरौली, नंदुरबार, धाराशिव और वाशिम जैसे आकांक्षी जिले शामिल हैं।


स्टारलिंक, जो स्पेसएक्स द्वारा समर्थित है, दुनिया में संचार उपग्रहों का सबसे बड़ा तारामંડळ (constellation) संचालित करता है। यह लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थित उपग्रहों के माध्यम से तेज और विश्वसनीय ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा प्रदान करता है। महाराष्ट्र सरकार के साथ यह सहयोग स्टारलिंक की भारत में व्यावसायिक शुरुआत की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसकी पूरी तरह से लॉन्चिंग 2026 की शुरुआत तक होने की उम्मीद है।


समझौते के तहत, दोनों पक्ष 90 दिनों के पायलट रोलआउट की निगरानी के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बनाएंगे। पायलट चरण में सरकारी और आदिवासी स्कूलों, 'आपले सरकार' केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल से आपदा प्रतिक्रिया संचार और तटीय निगरानी को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।


स्टारलिंक के इस कदम से भारत के उभरते सैटेलाइट ब्रॉडबैंड बाजार में सीधी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसमें रिलायंस जियो सैटेलाइट और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। हालांकि, स्टारलिंक की विशाल वैश्विक उपग्रहों की संख्या उसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करने का एक अनूठा लाभ देती है।


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस साझेदारी को 'भविष्य के लिए तैयार महाराष्ट्र' की ओर एक बड़ी छलांग बताया और कहा कि यह जमीनी स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' मिशन के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करेगा। स्टारलिंक की भारत में एंट्री देश के डिजिटल विभाजन को पाटने और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।