CBSE ने छात्रों का दबाव कम करने के लिए 10वीं बोर्ड परीक्षा दो चरणों में आयोजित करने का फैसला किया, दूसरा राउंड 15 मई से शुरू
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ये परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। यह घोषणा लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इस साल CBSE ने 10वीं के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उन्हें दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा। दूसरा एग्जाम 15 मई से 1 जून तक चलेगा।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों पर से परीक्षा का मानसिक बोझ कम करना है। जो छात्र पहली परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाते, वे दूसरी परीक्षा देकर अपने मार्क्स सुधार सकते हैं। इन दो परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में ज्यादा मार्क्स होंगे, उन्हीं को अंतिम परिणाम के लिए गिना जाएगा। इस कदम से छात्रों को अपनी क्षमता साबित करने का दूसरा मौका मिलेगा और वे ज्यादा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगे।
12वीं की परीक्षा के लिए फिलहाल एक ही मौका रहेगा। हालांकि, CBSE ने कहा है कि भविष्य में 12वीं के छात्रों के लिए भी ऐसे बदलावों पर विचार किया जा सकता है। 17 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा का विस्तृत टाइमटेबल जल्द ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट देखते रहें।
CBSE के इस फैसले की शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों और अभिभावकों ने सराहना की है। उनका मानना है कि इससे छात्रों पर दबाव कम होगा और वे तनावमुक्त माहौल में पढ़ाई कर सकेंगे। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप है, जो छात्र-केंद्रित शिक्षा पर जोर देती है। शिक्षा मंत्रालय ने भी CBSE के इस कदम का स्वागत किया है। इस घोषणा के बाद छात्रों को अब अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने का मौका मिला है। इसके साथ ही, उन्हें यह भी समझाया गया है कि दोनों परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उन्हें लगातार मेहनत करनी होगी। यह नया नियम छात्रों को अपने भविष्य के लिए अधिक तैयार करेगा।