इशान किशन की गैरमौजूदगी पर बड़ा अपडेट: फिटनेस समस्या या वर्कलोड मैनेजमेंट, क्या है असली वजह?
भारतीय घरेलू क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट 'विजय हजारे ट्रॉफी 2025' इस समय अपने रोमांचक मोड़ पर है। झारखंड और राजस्थान के बीच खेले जा रहे महत्वपूर्ण मुकाबले में फैंस को तब बड़ा झटका लगा जब स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन मैदान पर नजर नहीं आए। झारखंड की कप्तानी करने वाले और टीम के मुख्य स्तंभ इशान किशन का इस अहम मैच से बाहर होना कई सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर 'पॉकेट डायनामाइट' के नाम से मशहूर यह खिलाड़ी अंतिम एकादश (Playing XI) का हिस्सा क्यों नहीं है।
झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के सूत्रों और टीम मैनेजमेंट से मिल रही शुरुआती जानकारी के अनुसार, इशान किशन की अनुपस्थिति के पीछे कोई बड़ी चोट नहीं, बल्कि वर्कलोड मैनेजमेंट और हल्का बुखार मुख्य कारण बताया जा रहा है। 26 दिसंबर 2025 को खेले जा रहे इस मैच से पहले इशान किशन ने टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया था, लेकिन मैच की सुबह उन्होंने अस्वस्थ महसूस किया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।
वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस का मुद्दा
इशान किशन पिछले कुछ महीनों से लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। घरेलू सत्र की शुरुआत से लेकर इंडिया-ए के दौरों और हालिया सीरीज तक, उनका शेड्यूल काफी व्यस्त रहा है। बीसीसीआई (BCCI) की नई नीति के तहत केंद्रीय अनुबंधित और प्रमुख खिलाड़ियों के वर्कलोड पर पैनी नजर रखी जा रही है। राजस्थान के खिलाफ मैच एक हाई-वोल्टेज मुकाबला है, लेकिन झारखंड का प्रबंधन अपने सबसे बड़े मैच-विनर को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।
बताया जा रहा है कि इशान किशन को पिछले मैच के दौरान जांघ की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव (Groin Strain) महसूस हुआ था। हालांकि यह गंभीर नहीं है, लेकिन चयनकर्ता और टीम कोच चाहते हैं कि वह नॉकआउट चरणों से पहले पूरी तरह फिट हो जाएं। इसी एहतियात के तौर पर उन्हें राजस्थान के खिलाफ प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया है। उनकी अनुपस्थिति में झारखंड की कमान विराट सिंह संभाल रहे हैं।
इशान किशन के बिना झारखंड की चुनौती
राजस्थान की टीम इस समय बेहतरीन फॉर्म में है और उनके पास दीपक हुड्डा और रवि बिश्नोई जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। ऐसे में इशान किशन का न होना झारखंड के लिए एक बड़ी रणनीतिक क्षति है। इशान न केवल एक विस्फोटक सलामी बल्लेबाज हैं, बल्कि वह मध्यक्रम को स्थिरता भी प्रदान करते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में झारखंड के टॉप ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव आ गया है।
झारखंड के बल्लेबाजी कोच ने टॉस के दौरान संकेत दिया कि इशान की जगह टीम में एक युवा खिलाड़ी को मौका दिया गया है ताकि बेंच स्ट्रेंथ को आजमाया जा सके। हालांकि, इशान किशन की कप्तानी की कमी मैदान पर साफ खल रही है, खासकर फील्डिंग प्लेसमेंट और गेंदबाजों के रोटेशन के दौरान। राजस्थान के खिलाफ जीत झारखंड के लिए क्वार्टर फाइनल की राह आसान कर सकती थी, लेकिन अब टीम को इशान के बिना ही अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी।
वापसी पर क्या है अपडेट?
फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि इशान किशन की यह समस्या लंबे समय की नहीं है। टीम फिजियो के अनुसार, वह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं और अगले दो दिनों में मैदान पर वापसी कर सकते हैं। झारखंड का अगला मुकाबला 28 दिसंबर को होना है, और पूरी संभावना है कि इशान उस मैच में टीम की अगुवाई करते हुए दिखाई देंगे।
भारतीय चयनकर्ताओं की नजर भी इशान किशन के प्रदर्शन पर बनी हुई है, क्योंकि आगामी वाइट बॉल सीरीज के लिए टीम इंडिया में विकेटकीपर के स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इशान जानते हैं कि विजय हजारे ट्रॉफी में उनके रन उन्हें राष्ट्रीय टीम के करीब ले जाएंगे। इसलिए, वह भी जल्द से जल्द रिकवर होकर क्रीज पर लौटने के लिए बेताब हैं।
कुल मिलाकर, राजस्थान के खिलाफ इशान किशन का न खेलना केवल एक 'एहतियाती कदम' है। झारखंड के प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम इस बाधा को पार कर लेगी और इशान अगले मैच में अपने पुराने अंदाज में चौके-छक्कों की बरसात करेंगे।