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अमूल और मदर डेरी ने बढ़ाए दूध के दाम, जानिए नए रेट

देशभर में आम लोगों को आज से एक और महंगाई का झटका लगा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों Amul और Mother Dairy ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 14 मई से लागू हो गई हैं, जिसके बाद कई प्रमुख दूध वेरिएंट अब पहले से महंगे हो गए हैं। इस फैसले का असर सीधे तौर पर करोड़ों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ सकता है, क्योंकि दूध भारतीय घरों की रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों कंपनियों ने अलग-अलग दूध उत्पादों की कीमतों में लगभग ₹2 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। कंपनियों का कहना है कि पशु चारे, पैकेजिंग, ईंधन और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा।

नई दरों के अनुसार, अमूल गोल्ड, अमूल ताज़ा, अमूल काउ मिल्क और बफेलो मिल्क जैसे लोकप्रिय वेरिएंट्स अब महंगे हो गए हैं। कई पैक्स पर ₹1 से ₹2 तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं मदर डेयरी ने भी फुल क्रीम, टोंड, डबल टोंड और काउ मिल्क की कीमतों में बदलाव किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमूल गोल्ड 1 लीटर पैक की कीमत ₹68 से बढ़कर ₹70 हो गई है, जबकि अमूल ताज़ा 1 लीटर अब ₹57 में मिलेगा। मदर डेयरी के टोंड मिल्क और फुल क्रीम मिल्क की कीमतों में भी ₹2 तक की बढ़ोतरी की गई है।

कंपनियों ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे बढ़ती उत्पादन लागत को मुख्य कारण बताया है। डेयरी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक साल में पशु चारे, बिजली, ईंधन और लॉजिस्टिक खर्च में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में भी इजाफा किया गया है।

अमूल का संचालन करने वाली गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने कहा है कि ग्राहकों से मिलने वाले हर एक रुपये का बड़ा हिस्सा सीधे दूध उत्पादकों तक पहुंचाया जाता है। कंपनी के अनुसार, कीमतों में यह बदलाव किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने और दूध उत्पादन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

दूसरी ओर, मदर डेयरी का कहना है कि पिछले एक वर्ष में किसानों से दूध खरीदने की लागत में लगभग 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने इसे केवल आंशिक लागत समायोजन बताया है ताकि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी खाद्य महंगाई को और बढ़ा सकती है। चाय, कॉफी, मिठाई, डेयरी उत्पाद और होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक खर्च में इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

आर्थिक जानकारों के अनुसार, आने वाले समय में अन्य क्षेत्रीय डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बदलाव कर सकती हैं। पिछले कुछ वर्षों में दूध की कीमतों में कई बार संशोधन देखा गया है और डेयरी उद्योग लगातार लागत दबाव का सामना कर रहा है।

इस बीच सोशल मीडिया पर भी दूध की बढ़ी कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई उपभोक्ताओं ने इसे महंगाई का नया झटका बताया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि किसानों को उचित भुगतान मिलना भी जरूरी है। ऐसे में कंपनियों के लिए उपभोक्ता और उत्पादक दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

कुल मिलाकर, अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतों में की गई बढ़ोतरी का असर देशभर के उपभोक्ताओं पर देखने को मिलेगा। बढ़ती लागत और महंगाई के बीच यह फैसला डेयरी उद्योग की चुनौतियों को भी सामने लाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य डेयरी कंपनियां भी अपने दाम बढ़ाती हैं या बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जाती है।